अनुभव के खजाने से : “ लक्ष्य ”

दोस्तो , दुनिया के हर महान इंसान ने कहा है की बिना लक्ष्य रखे हम जीवन मे आगे नहीं बढ़ सकते , बहोत सारी किताबों मे भी लक्ष्य का महत्व समजाया गया है । और शायद ज़्यादातर इंसान लक्ष्य का महत्व समजते भी है और बड़े बड़े लक्ष्य तय भी करते है लेकिन प्राप्त नहीं कर पाते । दोस्तो , हम लक्ष्य को तय तो ज़रूर कर लेते है लेकिन उसे प्राप्त करने की प्रक्रिया पे ध्यान नहीं देते । सबसे पहेले ये बात जान ले की हमारी ताकत हममे नहीं है , हमारे लक्ष्य मे है , वो लक्ष्य ही है जो हमे दौड़ाता है , बिना लक्ष्य रखे हम कही पहोच ही नहीं सकते । तो लक्ष्य तय करना बहोत ज़रूरी है , इससे हमे जीवन जीने की ताकत मिलती है । अब सवाल ये है की इसे प्राप्त कैसे करे ? दोस्तो अगर हमे 200 km की यात्रा करनी है तो क्या हम दूसरे ही क्षण सीधे 200 km के स्थान पर पहोच जाएंगे ? नहीं ना ? हम 1 – 1 km करके रास्ता काटते जाएंगे और धीरे धीरे करके अंत मे 200 km वाले स्थान पर पहोच जाएंगे , सही ? बस इसी तरह हमारे जीवन मे 1क बड़ा लक्ष्य तय करने के बाद हमे ये सोचना है की , हमारा “ हर दिन का लक्ष्य ” क्या है ? हमे ये पता होना चाहिए की “ मेरा आज के दिन का उदेश्य क्या है ? ” अगर “ आज ” का लक्ष्य आपको पता है तो आज आप उस ऊर्जा को महेसूस करेंगे जो आपको इस लक्ष्य की और आगे बढ्ने के लिए ज़रूरी है , और दिन के अंत मे आपको लगेगा की सही मायानोंमे आज का दिन आपने जिया । अगर हमे हमारा आज का लक्ष्य ही नहीं पता तो हम उस ऊर्जा को महेसूस नहीं कर पाते और सुबह उठने से लेके रात को सोने तक हमारा दिन बिना “ जीवन उत्साह ” के पसार हो जाता है । तो लक्ष्य प्राप्ति का रहस्य ये है की “ हर दिन का लक्ष्य तय करे , और हर दिन को अनंत ऊर्जा से जीये , जो हमारी चेतना मे है ” आप देखेंगे की आपका हर दिन उत्साह से भर जायेगा । - आपका दोस्त चिराग उपाध्याय अच्छा लगा तो अपने दोस्तो को Share ज़रूर करे .... “ अनुभव के खज़ाने से ” पुस्तक मे से , © चिराग उपाध्याय

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