अनुभव के ख़ज़ाने से : " मानना ज़रूरी है "

दोस्तो हर इंसान अपने जीवनमे सफलता पाने के लिए बड़े बड़े लक्ष्य रखता है और फिर उसे पाने के लिए महेनत भी करता है । लेकिन समस्या ये है की , हर इंसान को अपना मनचाहा लक्ष्य प्राप्त नहीं होता । इस असफलता के पीछे बहोत सारे कारण हो सकते है लेकिन मेरे नज़रिये से सबसे पहेला और ज़रूरी कारण ये है की , “ उस लक्ष्यके प्रति हमारे विश्वास की कमी ” । जब तक हम ये न मान ले की “ हमे हमारा लक्ष्य हर हाल मे प्राप्त होगा ही ” तब तक हमे वो ऊर्जा ही प्राप्त नहीं होगी जो हमे हमारी मंज़िल तक पहोचा सके । आप इतिहासको देखे , इस दुनिया मे जो भी आविष्कार हुये है वो सारे किसी एक इंसान के उस क्षेत्रमे अतुट विश्वास की वजह से ही हुये है । उन्होने मान लिया था की हम ये कर सकते है । दुनिया इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं थी हम बिजली के बल्ब जैसी कोई रचना बना सकते है लेकिन थॉमस अल्वा एडीसनने इस बात को मान लिया था की ये 100% हो सकता है और लगातार अपनी उस मान्यता के अनुसार काम करते रहे , सिर्फ उस एक इंसान के अतुट विश्वास की वजह से आज हम रोशनी मे जी रहे है । दुनिया ये मानने को तैयार नहीं थी कोई इंसान पंछी की तरह हवा मे उड सकता है लेकिन राइट बंधुओने इस बात को मान लिया था और अपने रॉम रॉम मे उतार दिया था की हम हवामे उड सकेंगे , उनकी इस अनोखी मान्यता की वजह से आज हम एरोप्लेनमे सफर कर पा रहे है । दुनिया मे जो भी आविष्कार हुवे है उन्हे सबसे पहेले किसी न किसी इंसानने मान लिया था की ये संभव है , तब जाकर वो असंभव एक दिन संभव बन पाया । इसी तरह आप भी आपके मनचाहे लक्ष्य को प्राप्त करना चाहते है तो सबसे पहेले ये मान लीजिये की आप उसे हर हाल मे प्राप्त कर पाएंगे , अपने रॉम रॉममे इस मान्यता को उतार दीजिये और फिर देखिये चमत्कार । आपमे वो ऊर्जा बहेने लगेगी जो आपको आपकी मंज़िल तक ले जाएगी और आपको वही विचार आएंगे जो आपके लक्ष्य को पाने मे आपकी सहायता करेंगे । बस सफलता के लिए सबसे ज़रूरी इस मंत्रको हमेशा याद रखे “ मानना ज़रूरी है ” - आपका दोस्त चिराग उपाध्याय अच्छा लगा तो अपने दोस्तो को Share ज़रूर करे .... “ अनुभव के खज़ाने से ” पुस्तक मे से , © चिराग उपाध्याय

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