अनुभव के ख़ज़ाने से : - " HABIT : The Life "

दोस्तो ये बात हम सभी जानते हे की हमारी आदते ही हमे बनाती हे । आज हम जैसे भी हे और जो कुछ भी हे , हमारी आदतों की वजह से हे । लेकिन यहा ज़्यादातर लोगो के जीवनमे समस्या ये हे की नकारात्मक आदते ज्यादा हे और सकारात्मक कम । सही कहा ना ? !!!! अपने आप से सवाल पूछो की " आज मै जो भी हु क्या सच मे मै वैसा ही बनना चाहता था ? क्या यही मेरी मंज़िल हे ? अगर " ना " तो कहीं ना कहीं आपने नकारात्मक आदते पाल ली हे । लेकिन क्या आप सच मे ये नकारात्मक आदते पालना चाहते थे ? या फिर क्या आपने ये नकारात्मक आदतों को पालने के लिए कोई महेनत की हे ? नहीं ना ... ? फिर भी बिना महेनत के ये नकारात्मक आदत तो लग ही गई ना ? जीवन ऐसे ही चलता हे । ये बात सच हे की हमारा जीवन हमारी आदतों से ही बनता हे , यातो सकारात्मक आदतोसे या फिर नकारात्मक आदतोसे । अगर आप जानबूजकर सकारात्मक आदतों को नहीं अपनाएँगे तो अनजाने मे आपको नकारात्मक आदत लग ही जाएगी । सकारात्मक आदत को पालने मे महेनत नहीं करोगे तो बिना महेनत के ही नकारात्मक आदत लग जाएगी । अब ज़िंदगी को जानबूजकर सकारात्मक बनाने के लिए महेनत करनी हे या अनजाने मे नकारात्मक बनाने का काम करना हे ये तो ... आप ... स्वयं विचार कीजिये .... जय श्री कृष्ण ... सकारात्मक आदतों का लिस्ट बनाए और उसे जीवनमे अपनाने का द्र्ढ निश्चय करे । अच्छा लगा हो तो Share करके समाज मे सकारात्मक्ता फैलाये .. “ अनुभव के खज़ाने से ” पुस्तक मे से , © चिराग उपाध्याय.